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ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते प्रभाव से निपटने के लिए स्थानीय व्यापारियों के लिए सुझाव

Updated: Jun 27

भारत में पिछले 10 सालों में ऑनलाइन शॉपिंग ने स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इंटरनेट की उपलब्धता, शिक्षा का बढ़ता स्तर, स्मार्टफोन का सभी के पास होना और बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा इसके मुख्य कारण हैं। नीचे दिए गए ग्राफ से आसानी से समझा जा सकता है कि यह किस गति से बढ़ रहा है और आगे भी यह और तेजी से बढ़ने जा रहा है। नतीजा यह है कि इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और हेल्थ एंड ब्यूटी के क्षेत्र रहे हैं।




आजकल इतनी ट्रैफिक और भीड़भाड़ में कोई परेशान नहीं होना चाहता, साथ ही स्थानीय रिटेलर्स के पास वैरायटी भी नहीं होती क्योंकि वे सीमित पूंजी से काम करते हैं। ऑनलाइन आपको वह सामान भी मिल जाता है जो स्थानीय बाजार में कहीं भी नहीं मिलेगा। साथ ही, आप आसानी से मूल्य की तुलना कर सकते हैं और अन्य ग्राहकों के रिव्यू भी मिल जाएंगे जो आपको सही सामान खरीदने में मदद करेंगे। समय की बचत अलग से होती है, लंबी कतार या प्रतीक्षा का कोई मामला नहीं होता। इतना ही नहीं, आपको भुगतान के सभी विकल्प मिल जाते हैं, यहां तक कि बिना किसी अतिरिक्त लागत के किस्तों में भी भुगतान कर सकते हैं।

लेकिन ये सब हमारे स्थानीय व्यापारियों के लिए सही नहीं है और हमारी धनराशि हमारे यहां उपयोग न होकर बाहर चली जाती है। तो कुछ सुझाव हैं जो स्थानीय विक्रेता अगर उपयोग करें तो उन्हें इससे फायदा होगा और ज्यादा से ज्यादा ग्राहक ऑफलाइन स्टोर से सामान खरीदेंगे:

  1. विज्ञापन: प्रतिस्पर्धा का समय है, ऐसा नहीं कि आपको भारी भरकम विज्ञापन राशि देनी होगी। इसके लिए आप शुरुआत में फेसबुक, व्हाट्सएप, गूगल पर अपने स्टोर या उत्पाद को प्रकाशित कर सकते हैं और लगातार अपनी अपडेट देते रहें।

  2. लेटेस्ट ट्रेंड और ऑनलाइन मूल्य की जानकारी: हमेशा बाजार में क्या ट्रेंड चल रहा है इसकी जानकारी होनी जरूरी है और उसका क्या मूल्य है। ऐसा नहीं है कि हमेशा ऑनलाइन सस्ता मिलता है, कई बार ऑफलाइन भी सस्ता मिल जाता है।

  3. ग्राहक संतुष्टि और विश्वास को प्राथमिकता: आपका मुख्य उद्देश्य ग्राहक को अच्छी सेवा देना होना चाहिए चाहे वह उसके लिए बैठने की जगह हो या फिर आफ्टर सेल्स सर्विस हो।

  4. मुनाफा मार्जिन तय करें: अब वह समय चला गया कि किसी से ज्यादा मुनाफा ले लिया किसी से कम। अब तो एक दाम पर उत्पाद बेचने का समय आ गया है, इसलिए अपने खर्चे जोड़कर निश्चित मुनाफे पर बिक्री करें और मुनाफा न बढ़ाकर बिक्री बढ़ाएं।

  5. थोक में डील करें: ऐसा नहीं कि ऑनलाइन वालों को कोई नुकसान नहीं होता, कई ईकॉमर्स साइट पिछले 10 सालों में दिवालिया हो चुकी हैं। तो कोशिश करें कि सबसे अच्छी डील के साथ माल खरीदें, यह आपको और मजबूत बनाएगा।

दोस्तों और मेरे प्यारे व्यापारी भाइयों, गंगोह के पास आज भी काफी बड़ा आकर्षण क्षेत्र है और इतनी भारी संख्या में यहां ग्राहक हैं कि अगर हम उन्हें अपने यहां रोक पाते हैं तो मुझे नहीं लगता कि सभी स्टोर्स या दुकानों में ग्राहक की कोई कमी नहीं रहेगी और स्थानीय का ज्यादा व्यापार तो स्थानीय की ज्यादा प्रगति।


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